कैथल में 44.59 लख रुपए के धोखाधड़ी का राज्य खुला जो यह तीन आरोपी हैं - धर्मवीर राजेश कुमार और नवीन कुमार और इन तीनों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। इन्होंने कल 91 विद्यार्थियों के नाम पर धोखाधड़ी से फर्जी अकाउंट खोलकर और कुछ पंजाब के कॉलेज में भी फर्जी नाम पर दिखाकर छात्रों को धोखाधड़ी से हड़पने का केस दर्ज किया है। इन सभी मामलों को देखते हुए पूर्व बैंक अधिकारी की जांच की जा रही है

छात्रवृत्ति घोटाला : 91 छात्रों के नाम पर खुलवाए फर्जी बैंक खाता।
Highlights : कैथल छात्रवृत्ति घोटाला : 91 छात्रों के नाम पर खुला फर्जी बैंक खाता ; 44 लाख धोखाधड़ी का आरोप
- 44.59 लख रुपए का छात्रवृत्ति घोटाला में केस दर्ज कराया गया।
- 91 छात्राओं के नाम पर खुलवाया फर्जी बैंक खाता।
- सभी छात्रों को फर्जी दाखिला दिखाकर धोखाधड़ी से छात्रवृत्ति राशि अपनाया गया
कैथल। राज्य के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार को बढ़ते देखते हुए अंबाला टीम ने 44.49 लाख रुपए की छात्रवृत्ति घोटाला बताया गया और इनमें से तीन आरोपित के खिलाफ रात बुधवार को जिला अदालत में चालान पेश कर दिया गया। आरोपित राजेश कुमार, धर्मवीर व नवीन कुमार के खिलाफ सीएससी सेंटर संचालक आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया।
कैथल छात्रवृत्ति घोटाला : 91 छात्रों के नाम पर खुला फर्जी बैंक खाता ; 44 लाख धोखाधड़ी का आरोप
जांच पड़ताल के बाद सामने आया कि आरोपित ने शैक्षणिक सत्र 2013-14 और 2014-15 के दौरान 91 छात्र-छात्राओं के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और उन पर यह अपने ( नियंत्रण ) कंट्रोल में रखा। और इसके बाद पंजाब के संस्थानों में धोखाधड़ी से फर्जी दाखिला दिखाकर छात्रों को छात्रवृत्ति का औपचारिक रूप से तैयार किया गया। कल आवेदनों पर कॉलेज की फर्जी हस्ताक्षर और स्टांप और प्रिंसिपल के फर्जी हाजिरी रजिस्टर लगाकर दस्तावेजों का कानूनी अस्तर से सही ठहराया गया।
छात्रवृत्ति घोटाला को देखते हुए फर्जी दस्तावेजों को जिला कल्याण अधिकारी, कैथल के कार्यालय में जमा कराया गया और छात्रवृत्ति राशि को स्वीकृत करवाई गई । धर्मवीर, राजेश कुमार और नवीन कुमार ने बायोमेट्रिक, चेक और अन्य कई अलग-अलग माध्यमों से 44,59,760 रुपए निकालकर अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए थे ।
JanSuchna.in
इसके बाद राजेश कुमार, धर्मवीर और नवीन कुमार को गिरफ्तार किया गया । और 19 दिसंबर 2023 को भ्रष्टाचार और अधिनियम व भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था ।
- इन सभी मामलों के उन आरोपित बैंक के अधिकारी हुकुमचंद गुप्ता की गिरफ्तारी का अभी फैसला नहीं आया ।
पांच लोगों ने संस्था बना दिया था घोटाले का अंजाम
हर एक छात्रा को 30 से 35 हजार रुपए की छात्रवृत्ति सरकार की तरफ से दी जाएगी । विजिलेंस विभाग ने अपनी जांच मैं इसकी पुष्टि की और विजिलेंस को प्रदेश की सरकार से जांच पड़ताल का सौंप दिया गया और इस मामले को लेकर कई साल तक जांच चलती रही ।
एएनएम व जीएनएम कोर्सों में दाखिला दिखाया गया
जांच पड़ताल में सामने आया कि गोलमाल करने वाले लोगों ने पंजाब के विभिन्न कॉलेजों में एएनएम व जीएनएम कोर्स में फर्जी दाखिला दिलाया गया । और इन कोर्सों में कॉलेज की संख्या स्तर रूप से कम है, इसलिए दूसरे राज्य में दाखिला डिकर छात्रों की छात्रवृत्ति ले ली गई ।
कैथल छात्रवृत्ति घोटाला : 91 छात्रों के नाम पर खुला फर्जी बैंक खाता ; 44 लाख धोखाधड़ी का आरोप :
और छात्रों के नाम पर खुलवाए गए फर्जी बैंक खाता का ठगी करने वाले लोगों ने ज्यादातर अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के फर्जी दाखिला दिलाया गया और उनकी राशि छात्रवृत्ति हड़पी गई, क्योंकि एससी वर्ग के बच्चों की छात्रवृत्ति ज्यादा दी जाती है । और विजिलेंस ने सैकड़ो बच्चों की जांच पड़ताल में शामिल किया गया था ।